रोचक एवं दिमागी हिंदी पहेलियाँ (उत्तर सहित)
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"बूझो तो जाने पहेली #482: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"बूझो तो जाने पहेली #101: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"
"बूझो तो जाने पहेली #98: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"
"बूझो तो जाने पहेली #383: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"
"बूझो तो जाने पहेली #416: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"
"बूझो तो जाने पहेली #107: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"बूझो तो जाने पहेली #296: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"
"बूझो तो जाने पहेली #377: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"बूझो तो जाने पहेली #521: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"
"बूझो तो जाने पहेली #326: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"
"बूझो तो जाने पहेली #62: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"