रोचक एवं दिमागी हिंदी पहेलियाँ (उत्तर सहित)
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"बूझो तो जाने पहेली #497: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"बूझो तो जाने पहेली #146: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"
"बूझो तो जाने पहेली #452: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"बूझो तो जाने पहेली #17: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"बूझो तो जाने पहेली #2: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"बूझो तो जाने पहेली #476: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"
"बूझो तो जाने पहेली #422: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"बूझो तो जाने पहेली #353: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"
"बूझो तो जाने पहेली #566: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"
"बूझो तो जाने पहेली #386: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"
"बूझो तो जाने पहेली #428: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"