दिमागी कसरत

रोचक एवं दिमागी हिंदी पहेलियाँ (उत्तर सहित)

क्या आप इन पहेलियों का जवाब बिना उत्तर देखे दे सकते हैं? पहेली पढ़ें, संकेत लें और उत्तर देखने के लिए बटन दबाएं।

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"दिमागी कसरत पहेली [540]: दो अक्षर का मेरा नाम, हरदम रहता मुझे जुकाम। कागज है मेरा रुमाल, बूझो तो जानूं तुम्हारा हाल।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"दिमागी कसरत पहेली [1333]: दो पिता और दो बेटे एक होटल में खाना खाने गए। उन्होंने कुल 3 थालियाँ मंगवाई और सबने भरपेट खाया। बताओ कैसे?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"दिमागी कसरत पहेली [1124]: अगर नाक पर चढ़ जाऊं, तो कान पकड़कर खूब पढ़ाऊं। बताओ क्या?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"दिमागी कसरत पहेली [2680]: बिना धोए सब खाते हैं, खाकर बहुत पछताते हैं। कहने में भी शरमाते हैं, बताओ वो क्या है?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"दिमागी कसरत पहेली [1429]: वह कौन सी संख्या है जिसे यदि आप 0 से गुणा करें तो शून्य आए, लेकिन खुद से जोड़ें तो दुगनी हो जाए?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"दिमागी कसरत पहेली [2508]: सोने की वह चीज है, पर बेचे नहीं सुनार। मोल तो ज्यादा है नहीं, पर बहुत है उसका भार।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"दिमागी कसरत पहेली [1504]: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"दिमागी कसरत पहेली [1529]: एक टोकरी में 6 सेब हैं। आपने 4 सेब ले लिए। अब आपके पास कितने सेब हैं?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"बूझो तो जाने पहेली #675: दिन में सोए, रात में रोए। जितना रोए, उतना खोए। बताओ क्या?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"बूझो तो जाने पहेली #465: दिन में सोए, रात में रोए। जितना रोए, उतना खोए। बताओ क्या?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"दिमागी कसरत पहेली [2375]: एक आदमी बारिश में बिना छतरी के बाहर गया, फिर भी उसके सिर का एक भी बाल नहीं भीगा। बताओ क्यों?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"दिमागी कसरत पहेली [1099]: वह कौन सी संख्या है जिसे यदि आप 0 से गुणा करें तो शून्य आए, लेकिन खुद से जोड़ें तो दुगनी हो जाए?"

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