रोचक एवं दिमागी हिंदी पहेलियाँ (उत्तर सहित)
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"बूझो तो जाने पहेली #473: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"
"बूझो तो जाने पहेली #539: एक नारी के दो बालक, दोनों एक ही रंग। एक फिरे एक ठाढ़ा रहे, फिर भी दोनों संग।"
"बूझो तो जाने पहेली #671: एक थाल मोतियों से भरा, सबके सिर पर औंधा धरा। चारों ओर वह थाल फिरे, मोती उससे एक न गिरे।"
"बूझो तो जाने पहेली #527: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"बूझो तो जाने पहेली #380: दिन में सोए, रात में रोए। जितना रोए, उतना खोए। बताओ क्या?"
"बूझो तो जाने पहेली #227: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"बूझो तो जाने पहेली #305: दिन में सोए, रात में रोए। जितना रोए, उतना खोए। बताओ क्या?"
"बूझो तो जाने पहेली #395: दिन में सोए, रात में रोए। जितना रोए, उतना खोए। बताओ क्या?"
"बूझो तो जाने पहेली #287: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"
"बूझो तो जाने पहेली #683: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"
"बूझो तो जाने पहेली #212: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"