दिमागी कसरत

रोचक एवं दिमागी हिंदी पहेलियाँ (उत्तर सहित)

क्या आप इन पहेलियों का जवाब बिना उत्तर देखे दे सकते हैं? पहेली पढ़ें, संकेत लें और उत्तर देखने के लिए बटन दबाएं।

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #478: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"बूझो तो जाने पहेली #325: दिन में सोए, रात में रोए। जितना रोए, उतना खोए। बताओ क्या?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #352: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"बूझो तो जाने पहेली #640: दिन में सोए, रात में रोए। जितना रोए, उतना खोए। बताओ क्या?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"बूझो तो जाने पहेली #595: दिन में सोए, रात में रोए। जितना रोए, उतना खोए। बताओ क्या?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #37: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #607: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #433: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #238: ऊंट की बैठक, हिरण की चाल। वो कौन सा जानवर जिसके दुम न बाल?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ मध्यम

"बूझो तो जाने पहेली #505: दिन में सोए, रात में रोए। जितना रोए, उतना खोए। बताओ क्या?"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #172: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"

दिमागी व तार्किक पहेलियाँ सरल

"बूझो तो जाने पहेली #577: हरी थी मन भरी थी, लाख मोती जड़ी थी। राजा जी के बाग में दुशाला ओढ़े खड़ी थी।"

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