दर्द और तन्हाई शायरी

दर्द और तन्हाई शायरी

टूटे दिल और जुदाई के एहसासों को बयां करती दर्द भरी शायरी।

दर्द और तन्हाई शायरी
अब तो ख़ामोशी ही सबसे बेहतर जवाब लगती है, क्योंकि लफ़्ज़ों की क़ीमत हर किसी को समझ नहीं आती। वक़्त के साथ ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशान रह जाते हैं, टूटे हुए सपनों के सिर्फ ख़्वाब रह जाते हैं।
— मिर्ज़ा ग़ालिब #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
कभी कभी हँसते हुए चेहरे के पीछे समंदर छुपा होता है, दर्द का आलम वही जाने जो तन्हा रातों में रोता है। अब किसी से कोई उम्मीद नहीं रखते हम, तन्हाई के साए में ही सुकून तलाशते हैं हम।
— काव्या #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
कभी कभी हँसते हुए चेहरे के पीछे समंदर छुपा होता है, दर्द का आलम वही जाने जो तन्हा रातों में रोता है। अब किसी से कोई उम्मीद नहीं रखते हम, तन्हाई के साए में ही सुकून तलाशते हैं हम।
— काव्या #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
ग़म-ए-दिल छुपाने का हुनर सीख लिया हमने, अश्क पीकर ज़माने में मुस्कुराना सीख लिया हमने। वक़्त के साथ ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशान रह जाते हैं, टूटे हुए सपनों के सिर्फ ख़्वाब रह जाते हैं।
— अज्ञात #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
काश वो समझ पाते मेरे ख़ामोश अश्कों की ज़ुबां, तो आज इस तरह तन्हा न भटकता मेरा कारवां। वक़्त के साथ ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशान रह जाते हैं, टूटे हुए सपनों के सिर्फ ख़्वाब रह जाते हैं।
— गुलज़ार #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
इंतज़ार की घड़ियाँ बहुत लंबी हो जाती हैं, जब कोई अपना दूर हो और उम्मीदें टूट जाती हैं। अब किसी से कोई उम्मीद नहीं रखते हम, तन्हाई के साए में ही सुकून तलाशते हैं हम।
— मिर्ज़ा ग़ालिब #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
तन्हाई में बैठकर जब भी बीती बातें याद आती हैं, आँखें भर आती हैं और साँसें थम सी जाती हैं। अब तो सिर्फ यादें हैं जो सीने से लगी रहती हैं, सूनी आँखें रात भर रास्ता तकती रहती हैं।
— गुलज़ार #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
अब तो ख़ामोशी ही सबसे बेहतर जवाब लगती है, क्योंकि लफ़्ज़ों की क़ीमत हर किसी को समझ नहीं आती। वक़्त के साथ ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशान रह जाते हैं, टूटे हुए सपनों के सिर्फ ख़्वाब रह जाते हैं।
— बशीर बद्र #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
अब तो ख़ामोशी ही सबसे बेहतर जवाब लगती है, क्योंकि लफ़्ज़ों की क़ीमत हर किसी को समझ नहीं आती। वक़्त के साथ ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशान रह जाते हैं, टूटे हुए सपनों के सिर्फ ख़्वाब रह जाते हैं।
— बशीर बद्र #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
कभी कभी हँसते हुए चेहरे के पीछे समंदर छुपा होता है, दर्द का आलम वही जाने जो तन्हा रातों में रोता है। अब किसी से कोई उम्मीद नहीं रखते हम, तन्हाई के साए में ही सुकून तलाशते हैं हम।
— अकबर इलाहाबादी #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
हमने तो वफ़ा की थी पूरी शिद्दत के साथ, मगर नसीब में लिखी थी सिर्फ दर्द की बरसात। वक़्त के साथ ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशान रह जाते हैं, टूटे हुए सपनों के सिर्फ ख़्वाब रह जाते हैं।
— फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
दर्द और तन्हाई शायरी
तन्हाई में बैठकर जब भी बीती बातें याद आती हैं, आँखें भर आती हैं और साँसें थम सी जाती हैं। अब तो सिर्फ यादें हैं जो सीने से लगी रहती हैं, सूनी आँखें रात भर रास्ता तकती रहती हैं।
— अकबर इलाहाबादी #dard #sad #tanhai #judai #brokenheart
कॉपी हो गया!