राजनीति शायरी

राजनीति शायरी

राजनीति शायरी
कुर्सी का मोह ऐसा है हुजूर, कि अपना साया भी दुश्मन लगने लगता है।
— Admin
राजनीति शायरी
जुबान से मीठे और दिल में जहर रखते हैं, ये सियासतदान हैं, हर चाल पर नजर रखते हैं।
— Admin
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